आइए रक्षाबंधन पर्व का महत्व और कब हुई इसकी शुरुआत

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप लोग दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं रक्षाबंधन के बारे में। दोस्तों रक्षाबंधन 1 कच्चे धागे का पक्का बंधन है जिसे कभी कोई नहीं तोड़ सकता दोस्तों हमारे भारत देश रितु त्योहार और उत्सव का जीता जागता स्वरूप है। हर दिन नाचता गाता संभव होता है और हर पल खुशी रहती है हमारी इस भारत देश में दोस्तों हमारे भारत देश में अनेक त्यौहार मनाए जाते है जिन्हें हम गीन भी नहीं सकते तो हर पल हर दिन हमारा भारत देश में त्यौहार मनाया जाता है। उत्सव और त्योहार होते हैं उनके मूल में भिन्न-भिन्न कारण होते हैं उन्हें भी हो सकते हैं लेकिन एक दूसरे के त्यौहार के मन में श्रद्धा होती है तथा उनमें लोग एक दूसरे को करते हैं कि वह अपनेत्योहार को अच्छे से मनाए और खुश रहे।

दोस्तों इसी सूची में हमारा हिंदुओं का एक सबसे बड़ा त्यौहार है जो की है रक्षाबंधन राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाने वाला त्यौहार में से ही एक त्यौहार रक्षाबंधन भी है। दोस्तों दोस्तों रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। दोस्तो राखी शब्द संस्कृत के रक्षा शब्द से बना हुआ है बंधन का तात्पर्य बांधने से है इस प्रकार रक्षाबंधन व सूत्र है जिसका संबंध रक्षा के लिए तत्पर रहने से है दोस्तों रक्षाबंधन पर्व के साथ अनेक पौराणिक तथा ऐतिहासिक कथाएं जुड़ी हैं। पौराणिक कथा के अनुसार देव दानों के बीच होने वाले युद्ध में जानवरों का पक्ष भारी हो जा रहा था। इससे देवता परेशान हो गए तभी उसके लिए प्रस्थान करते समय सचिन ने अपने पति इंद्र के मंगल और विजय की कामना से उन्हें हाथ में रक्षा सूत्र बांधा दोस्तों और इससे बीजेपी हुई इसका से यह बात उल्लेखनीय है कि उस समय पुरुष के हाथ में स्त्री भी राखी बांधी थी लेकिन दोस्तों आज के समय में भाई के हाथ में बहन राखी बनती है और भाई बहन की रक्षा करने की कसम खाता है।

एक अन्य ऐतिहासिक प्रसंग के अनुसार महाराणा संग्राम सिंह की मृत्यु के बाद गुजरात के सुल्तान बादशाह ने मेवाड़ पर आक्रमण कर उसे चारों ओर से घेर लिया तब मेवाड़ की महारानी चिंतित हो गई तो इसलिए उन्होंने तब मेवाड़ की महारानी ने दिल्ली के बादशाह हुमायूं को राखी भेजकर अपने वार्ड की रक्षा का भेजा था। दोस्तों राखी के पवित्र महत्व को समझा और मेवाड़ के लिए तुरंत प्रस्थान किया वार्ड को पराजित होने से बचा अपने कर्तव्य पूरा किया। दोस्तों की बात है वर्तमान समय में यह त्यौहार भाई बहन के प्यार का दत्तक है। दोस्तों बहन अपने भाई की पूजा करती है थाली लेकर कुमकुम दही आदि रखकर अपने भाई की आरती करती है और उसको तिलक करती है और उसके हाथ पर वह पवित्र धागा पवित्र बंधन बांधती है और उसको मिठाई खिलाती है और अपनी रक्षा का वचन मांगती है कि भाई हमेशा बहन की रक्षा करेगा। चाहे वह किसी भी परिस्थिति में हो और दोस्तों इसके लिए भाई बहन को एक अनोखा गिफ्ट भी देता है।

जिसे देखकर सभी की बहने बहुत प्रसन्न हो जाती हैं और यह बहुत अच्छी बात है कि बहन की राखी बांधने पर भाई उसको एक अनोखा तोहफा देता है और दोस्ती में बहुत अच्छी बात है कि भाई अपनी बहन को तोहफा देता हूं राखी बांधने पर। दोस्तो हमारे भारत देश की खासियत है कि हर त्योहार हर्षोल्लास से मनाया जाता है दोस्तों यह त्यौहार हमारे भारत देश में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ हर घर में मनाया जाता है। दोस्तों अगर किसी की बहन नहीं होती तो वह अपनीकजन सिस्टर से राखी बंधवा आता है और उसको तोहफा देता है जो कि बहुत अच्छी बात है दोस्तों हमारे देश में यार की अहमियत बहुत ज्यादा है। भाई बहन का रिश्ता अनोखा होता है इसलिए रक्षाबंधन को हमारे देश में एक बहुत ही बड़ा और बहुत ही अनोखा त्योहार माना जाता।

Author: admin

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